Pinecone the Therapy Cat at School 1
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अमेरिका के स्कूल में बिल्ली की अनोखी नौकरी! बच्चों का तनाव दूर करती है Pinecone, गलियारों में भी लगाती है गश्त

अमेरिका स्कूल न्यूज | Viral News

Pinecone the Therapy Cat at School

अमेरिका: आपने स्कूलों में टीचर, प्रिंसिपल और सिक्योरिटी गार्ड को अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए तो जरूर देखा होगा, लेकिन क्या आपने कभी किसी बिल्ली को स्कूल में नौकरी करते देखा है? अमेरिका के रोड आइलैंड स्थित एक मिडिल स्कूल में Pinecone नाम की बिल्ली इन दिनों अपनी अनोखी भूमिका को लेकर चर्चा में है। यह बिल्ली न सिर्फ विद्यार्थियों के चेहरे पर मुस्कान लाती है, बल्कि तनाव और घबराहट महसूस करने वाले बच्चों को कुछ पल सुकून देने में भी मदद करती है।

सबसे दिलचस्प बात यह है कि Pinecone स्कूल के गलियारों में घूमती है, बच्चों से मिलती है और कभी-कभी उनके लॉकर के आसपास भी सूंघकर देखने लगती है। स्कूल में लोग मजाक में कहते हैं कि वह अपनी ड्यूटी पर निकली है और सब कुछ ठीक होने की जांच कर रही है!

Pinecone करीब साढ़े तीन साल की बिल्ली है। उसकी मालकिन Kayleigh Smith इसी स्कूल में आर्ट टीचर हैं। वह अमेरिका के रोड आइलैंड राज्य के नॉर्थ प्रोविडेंस स्थित Dr. Edward A. Ricci Middle School में पढ़ाती हैं।

Kayleigh ने अपनी बिल्ली के शांत और मिलनसार स्वभाव को देखकर सोचा कि वह स्कूल के बच्चों के लिए भी मददगार साबित हो सकती है। सितंबर 2025 में उन्होंने स्कूल प्रशासन के सामने Pinecone को स्कूल लाने का प्रस्ताव रखा। प्रशासन की मंजूरी मिलने के बाद बिल्ली को थेरेपी एनिमल के रूप में तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हुई।

जनवरी 2026 से Pinecone अपनी मालकिन के साथ सप्ताह में लगभग तीन दिन स्कूल आने लगी। धीरे-धीरे वह विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच लोकप्रिय हो गई।

स्कूल में पढ़ाई, परीक्षाओं और रोजमर्रा की चुनौतियों के कारण कई बार बच्चे तनाव महसूस करते हैं। ऐसे समय में Pinecone उनके लिए एक प्यारी साथी बन जाती है।

जब किसी विद्यार्थी का दिन अच्छा नहीं गुजर रहा होता या वह बेचैन महसूस करता है, तो वह आर्ट क्लासरूम में जाकर Pinecone के साथ कुछ समय बिता सकता है। बिल्ली को प्यार से सहलाना और उसके पास शांत बैठना बच्चों को थोड़ी देर के लिए पढ़ाई की भागदौड़ से राहत देता है।

आर्ट टीचर Kayleigh Smith के मुताबिक, कुछ विद्यार्थी सिर्फ Pinecone को सहलाने और शांत पल बिताने के लिए उनकी क्लास में आते हैं। उनकी मौजूदगी ने बच्चों और शिक्षकों के बीच बातचीत का एक नया रास्ता भी खोला है।

हालांकि, Pinecone कोई डॉक्टर या पेशेवर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ नहीं है। उसकी भूमिका विद्यार्थियों को भावनात्मक सुकून और साथ देने की है।

Pinecone की नौकरी का सबसे मजेदार हिस्सा उसकी कथित गश्त है। वह आर्ट क्लासरूम के दरवाजे पर विद्यार्थियों का स्वागत करती है और क्लास के बीच मिलने वाले समय में अपनी मालकिन के साथ गलियारों में घूमती है।

कभी वह दूसरे क्लासरूम में चली जाती है, तो कभी किसी विद्यार्थी के लॉकर के पास रुककर उसे सूंघने लगती है। इस दौरान स्कूल के लोग मजाक करते हैं कि Pinecone सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रही है।

लेकिन यह बात ध्यान देने वाली है कि बिल्ली को स्कूल में अकेले घूमने नहीं दिया जाता। उसकी मालकिन उसके साथ रहती हैं और उसकी गतिविधियों पर नजर रखती हैं।

जब Pinecone अपनी ड्यूटी से थक जाती है, तो वह आराम से डेस्क या अपने कैट टावर पर सोती हुई भी दिखाई देती है।

Pinecone को स्कूल में लाने का फैसला केवल उसके प्यारे स्वभाव के आधार पर नहीं किया गया। उसे थेरेपी एनिमल के रूप में पंजीकरण पाने के लिए प्रशिक्षण और व्यक्तिगत मूल्यांकन से गुजरना पड़ा।

रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रक्रिया में यह देखा गया कि वह लोगों की भीड़, तेज आवाजों और अलग-अलग परिस्थितियों में कितनी शांत रहती है। Pinecone ने जरूरी मूल्यांकन पास किया और इसके बाद स्कूल प्रशासन ने उसे परिसर में आने की अनुमति दी।

उसके लिए आर्ट क्लासरूम में एक खास जगह भी बनाई गई है, जहां कैट स्क्रैचर, खाना, पानी और ट्रीट जैसी जरूरी चीजें रखी जाती हैं।

Pinecone की शक्ल भी लोगों का ध्यान खींचती है। उसकी चमकीली पीली आंखें और बाहर निकले हुए दो छोटे दांत उसे थोड़ा गुस्सैल लुक देते हैं। पहली बार उसे देखने वाले कुछ बच्चे उससे झिझकते भी थे।

लेकिन उसके साथ समय बिताने के बाद विद्यार्थियों को पता चला कि वह बेहद शांत, धैर्यवान और मिलनसार है।

इससे बच्चों को एक अहम सीख भी मिलती है—किसी को केवल उसके बाहरी रूप से नहीं आंकना चाहिए। Pinecone की कहानी विद्यार्थियों को समझाती है कि पहली नजर में किसी के बारे में बनाई गई राय हमेशा सही नहीं होती।

Pinecone का काम केवल बच्चों को खुश करना नहीं है। उसकी मौजूदगी विद्यार्थियों को दूसरे जीवों की भावनाओं और जरूरतों को समझने का मौका भी देती है।

यदि बिल्ली सो रही हो या आराम कर रही हो, तो बच्चों को पहले अपनी टीचर से पूछना पड़ता है कि क्या वे उसे सहला सकते हैं। कभी-कभी उन्हें इंतजार करना पड़ता है, क्योंकि Pinecone को भी अपनी जगह और आराम की जरूरत होती है।

इस तरह बच्चे सीखते हैं कि दूसरों के साथ अच्छा व्यवहार करने का मतलब उनकी सीमाओं का सम्मान करना भी है।

अब विद्यार्थी Pinecone के लिए खिलौने और ट्रीट लाते हैं। कुछ बच्चे उसके चित्र बनाकर भी टीचर को देते हैं। इससे स्कूल में उसके प्रति बच्चों का लगाव साफ दिखाई देता है।

Pinecone की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुछ विद्यार्थी स्कूल पहुंचकर पूछते हैं कि वह उस दिन आई है या नहीं। उसकी मौजूदगी बच्चों को एक-दूसरे से बातचीत करने और शिक्षकों के साथ सहज महसूस करने का अवसर देती है।

Kayleigh Smith के अनुसार, Pinecone ने स्कूल में समुदाय की भावना को मजबूत करने में मदद की है। कुछ लोग तो मजाक में उसे स्कूल का प्रिंसिपल बनाने या स्कूल का शुभंकर घोषित करने की बात भी कहते हैं।

हालांकि, स्कूल में किसी भी पालतू जानवर को रखने के दौरान बच्चों की एलर्जी, सुरक्षा, स्वच्छता और जानवर की भलाई का ध्यान रखना जरूरी होता है। Pinecone को भी निगरानी में रखा जाता है और उसके आराम के लिए अलग जगह उपलब्ध है।

अमेरिका के इस मिडिल स्कूल में Pinecone की अनोखी भूमिका यह दिखाती है कि स्कूल का माहौल बेहतर बनाने में कभी-कभी छोटे-छोटे कदम भी अहम हो सकते हैं। बच्चों को तनावपूर्ण पलों में सुकून देना, उन्हें सहानुभूति सिखाना और शिक्षकों के साथ संवाद बढ़ाना—ये सभी बातें Pinecone को बाकी पालतू जानवरों से अलग बनाती हैं।

Pinecone की कहानी सिर्फ एक बिल्ली की अनोखी नौकरी की खबर नहीं, बल्कि दया, अपनापन और दूसरों की भावनाओं को समझने का एक प्यारा उदाहरण भी है।

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